Monday, October 18, 2010

सूर्य उदय के समय जो राशि देखने में आती है उस नाम से ही सौर मॉस कहा जाता है मेषाके इत्यादि एक राशि में ३० अंश होते है मेष से वर्ष प्रारंभ होता है संक्रांति के दिन ये सूर्य १ अंश का होता है २ दिन २ अंश का इस क्रम में ३० दिन के पश्चात ये वृषभ राशि में १ अंश पर सूर्य उदय होता है ६० दिन के बाद मिथुन में, मान ले की सूर्य १ दिन में १ अंश आगे बढ़ जाता है या २४ घंटे में प्रथ्वी ४ मिनट आगे बढ़ जाती है इस लिए १ माह में ४ * ३० = १२० या २ घंटे, प्रायः ये कहा जाता है की २ घंटे की ही एक राशि होती है इस लिए १ माह में सूर्य १ राशि को पार कर दूसरी राशि में चला जाता है और एक वर्ष में १२ राशि में भ्रमण करता है
पंचाग का महत्त्व पूर्ण भाग
चैत शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा के दिन सूर्योदय के समय जो वार होता है वह ही वर्ष में संवत्सर का राजा कहा जाता है मेषार्क प्रवेश के दिन जो वार होता है वाही संवत्सर का मंत्री होता है